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Earthing क्यों की जाति है? Why Is EARTHING Necessary?

Earthing क्यों की जाति है? Why is earthing necessary?

हमारे घर में Electrical फिटिंग्स में Phase और Neutral के साथ एक वायर और होती है, वह Earthing के लिए Use होती है। लेकिन बोहोतो को Earthing के बारे में पूरी जानकारी नही होती।

Earthing क्या है? और इसका क्या Use है यह जानने के लिए आप हरा यह ब्लॉग पूरा पढ़ें।

Earthing क्या होती है?

     

हमारे घर का या कोई भी Elecrical उपकरण जो धातु से बना हो। उस उपकरण का वायर के माध्यम से सीधे जमीन से संपर्क करने के को ही अर्थिंग (Earthing) कहते हैं।

आसान भाषा मे समझे तो, मान लीजिये कि एक वाटर कूलर है। जिसकी बॉडी धातु से बनी है। उस कूलर की बॉडी से वायर का एक सिर जुड़ा होता है और दूसरा सीधा जमीन से जुड़ा होता है जहां पर अर्थिंग की जाती है।

आखिर क्यों की जाती है अर्थिंग? | अर्थिंग का क्या काम होता है?| Why is earthing done? |What is the purpose of earthing?

हम जो इलेक्ट्रिकल उपकरनो का इस्तेमाल हमारी आम जिंदगी में करते हैं। उन्हें अगर गलती से हमारा स्पर्श हो जाता है तो हमे थोड़ा या थोड़ा ज्यादा बिजली का झटका लगता है। यह अक्सर आपने नोटिस किया होगा। इस बिजली के झटके से बचने के लिए अर्थिंग की जाती है।

और अर्थिंग करने का  दूसरा कारण यह होता है कि , अगर किसी उपकरण में फेज वायर उपकरण की body से स्पर्श हो जाये तो उपकरण खराब न हो इसलिए अर्थिंग की जाती है। body Earth से जुड़ी होने के कारण अगर body में करंट ज्यादा हो तो Short Circuit होने के कारण fuse या MCB Operate होके उपकरण सर्किट से अलग हो जाता है। और उपकरण को कोई हानि नही पोहोंचती।

यह लीकेज करंट (Leakage Current) उपकरण की बॉडी में आता कहाँ से है? | Where does leakage current come from the body of the Electrical device?

अक्सर यह बिजली का झटका हमे पुराने उपकरणों से स्पर्श होने पर लगता है। यह अपने नोटिस किया होगा।

ऐसा इस लिए होता है कि समय के साथ साथ उपकरण में Use होने वाली Coil, या कोई Electrocal Part जिसका  Insulation Resistence कम होता जाता है। और इस वजह से कुछ  करंट Insulation से गुजरता हुया  उपकरण की Matalic Body में आ जाता है। और वह उस Body में घूमता रहता है। इस करंट को लीकेज करंट (Leakage Current) कहते हैं।

और जब हमारा उपकरण की बॉडी से संपर्क होता है तो हमे बिजली का झटका लगता है। इस बिजली के झटके से बचने के लिए हैम अर्थिंग का इस्तेमाल करते हैं।

अर्थिंग किस प्रकार काम करती है?

लीकेज करंट जो कि उपकरण की बॉडी में घूमता रहता है। जब तक उसे ग्राउंड होने के लिए कोई रास्ता न मिले। अर्थिंग करने से होता यह है कि, जब अर्थ वायर उपकरण की बॉडी से जुड़ी होती है, उससे होते हुए Leakage Currentअर्थ यानी जमीन में चला जाता है। 

करंट हमेशा कम से कम Resistance वाले रास्ते से ही गुजरता है। इसलिए लीकेज करंट अर्थ वायर से गुजरता हुआ जमीन में चला जाता है, न कि हमारे शरीर से क्योंकि हमारे शरीर का Resistance अर्थ वायर के मुकाबले ज्यादा होता है।

 इसलिए अर्थिंग सही हो तो हमे लीकेज करंट नही लगता।

और अगर अर्थ वायर बीच से कही टूट जाये तो वह Leakage Current उस टूटे पॉइंट तक रहेगा और उपकरण में घूमता रहेगा। और जब हमारा स्पर्श उपकरण से होगा तो हमे बिजली का झटका लागेला।

तो दोस्तों अशा करता हु, की हमरा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा| और आपको जो जानकारी चाहीये थी वह मिल गई होगी| अगर आपको और कोई जानकारी चाहीये की यह क्यों और कैसे होता हई तो हमे कमेन्ट बॉक्स मे कमेंट करें| धन्यवाद |

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