Leap Year और Leap Day क्यों आते हैं 4 साल मे एक बार ? | Why 29 February?

Leap Year और Leap Day क्यों आते हैं 4 साल मे एक बार ? | Why 29 February?

फरवरी महीने में बाकी महीनों के मुकाबले सबसे कम दिन होते हैं। ये आप सबको पता ही होगा। और एक बात ध्यान देने वाली है, की कभी कभी फरवरी में 28 दिन न होकर 29 दिन भी  होते हैं ये भी आपने नोटिस किया होगा। Leap Year और Leap Day क्या होता है?

अगर आपको ये जानने में दिलचस्पी है कि, कभी-कभी फरवरी में 29 दिन क्यों होते हैं? तो इस ब्लॉग को पढ़कर आपको ये समझ आ जायेगा। इतिहासकारों कि माने तो सबसे पहला Calender 3500 साल ईसा पूर्व हिब्रू या यहूदी कैलेंडर की रचना की गई।

यह एक सोलर कैलेंडर था, यानी कि सूर्य और चांद दोनों के आधार पर बनाया गया था।

जिसके पूरे साल में 12 या 13 महीने होते थे। यानि की कोई साल 12 महीने का होता था तो कोई साल 13 महीने का इस कैलेंडर में 353 से 385 दिन होते थे। और उसके बाद मूल रूप से चाइनीज Calender की शुरुआत 2500 साल पहले हुई थी.

उसके बाद Jesus Chris के जन्म के 57 साल पहले भारत में विक्रम संवत को अपनाया गया था.

लेकिन इसके बारे में लोगों की अलग-अलग राय है.

ग्रेगोरीयन कैलेंडर (Gregorian Calendar)

ग्रेगोरीयन कैलेंडर (Gregorian Calendar) इसे राष्ट्रीय कैलेंडर भी कहा जाता है। यह एक ग्रेगोरियन कैलेंडर सोलर कैलेंडर है। और इस  में साल भर में 12 महीने होते हैं। महीने में 28 से 31 दिन होते हैं। और हर साल में 52 सप्ताह और हर सप्ताह में 7 दिन होते हैं। ग्रेगोरियन कैलेंडर को एलॉयसियस लिलियस  बनाया था।

दरअसल हम जो अंतरराष्ट्रीय ग्रेगोरीयन कैलेंडर  use करते हैं, जो January से December का होता है, उसका और हमारे ब्रह्मांड का बोहोत गहरा संबंध है।

पृथ्वी और चंद्रमा के परिक्रमा करने के समय के नुसार इस Calendar की रचना की गाई है। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने के लिए  लगभग 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट और 45.51 सेकंड लगते हैं.

मतलब 365 दिन और लगभग 6 घंटे और एक साल का Calender भी 365 दिन का ही बनाया जाता है। लेकिन पृथ्वी को सूर्य का एक चक्कर लगाने में 365 दिनो के अलावा 6 घंटे ज्यादा लगते हैं।

इन 6 घंटों को अगर हम चार गुना कर दे तो होते है 24 घंटे। और ये 24 घंटे हमारे पूरे एक दिन के बराबर होते हैं। ( 6×4= 24 घंटे )  और वह एक दिन हर चौथे साल में फरवरी महीने में जोड़ दिए जाता है। साल में सिर्फ फरवरी महीने में सबसे कम दिन होते हैं। 

इसलिए यह साल का ज्यादा दिन फरवरी महीने में जोड़ दिया जाता है। अगर यह एक ज्यादा दिन हर चौथे साल में न जोड़ा जाए तो, आने वाले 100 सालों में पूरे 24 दिन गायब हो जाएंगे। इससे और क्या क्या फर्क पड़ेगा वो हम दूसरे ब्लॉग में पढ़ेंगे।

इस आर्टिकल में हमने देखा कि हर चार साल में फरवरी महीने में 29 दिन क्यों होते हैं?

तो आशा करता हूँ कि आपको यह समझमे आ गया होगा।

धन्यवाद!

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