हमे Electrical Shock क्यों लगता है? | Why do we feel Electric Shock?

Table of Contents

हमे Electrical Shock क्यों लगता है? | Why do we feel Electric Shock?-In Hindi.

दोस्तों हमे अपनी जिंदगी मैं कभी न कभी बिजली का झटका (Electric Shock) जरूर लगा होगा। जब कभी भी हम किसी Electrical प्रभारित चीज को (Open Wires ,Joints, Refrigerater, Air Cooler, other Electrical Equipments या फिर कोई Electric Pole जिसमे लीकेज करंट ज्यादा Flow

हो रहा हो) गलती से छूते हैं, तो हमें एक झटका महसूस होता है,

Electrical Shock यह झटका धीरेसे, जोर से या बोहोत ही जोर से लगता है। और यह उस करंट पर निर्भर करता है, कि उसका वोल्टेज (Voltage) उस समय कितना था।

अगर वोल्टेज ज्यादा हो तो इंसान की मृत्य भी हो सकती है। अगर कम हो तो शरीर के जिस हिस्से का Elelctric Current से संपर्क हुआ है वह हिस्सा जल जाता है।

  लेकिन हमे Electric Shock (बिजली का झटका) लगता क्यों है? यह सवाल आपके दिमाग मै जरूर आया होगा. तो सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि

Electricity (बिजली) क्या है.?

क्लोज सर्किट मैं इलेक्ट्रोन्स (Electrons) के बहाव को करंट कहते है। करंट बहना यांनी बिजली, यह सर्किट किसी भी प्रकार के हो सकते हैं। बिजली हमेशा ज्यादा दबाव वाले पॉइंट से कम दबाव वाले पॉइंट की तरफ बहती है।

या  फिर जमीन की तरफ यानी अर्थ की तरफ किसी भी सर्किट में से बहती है। और वह हमेशा कम विरोध (Resistence) वाले मार्ग का चयन करती है। बिजली किसी भी सर्किट से जब बहती है तो उसके मार्ग में आने वाले किसी विरोध (Resisrence) से होकर गुजरना पड़ता है।

विरोध (Resistence) उदाहरण के तौर पर हमारे घर मे लगे हुए लाइट्स, बल्ब्स, Fan, मोटर, या फिर इलेक्ट्रिक आयर्न। जब बिजली किसी विरोध से होकर गुजरती है,

तो बिजली का किसी और ऊर्जा में परिवर्तन होता है। जैसे किसी बल्ब में से गुजरे तो प्रकाश ऊर्जा, Fan से गुजरे तो चुम्बकीय ऊर्जा (Magnetic Energy), और इलेक्ट्रिक आयरन से गुजरे तो उष्मा (Heat) में परिवर्तन होता है।

हमारे शरीर का कोई भी हिस्सा इस बिजली के सम्पर्क में आता है, तो हमारा शरीर भी एक सर्किट की तरह काम करता है। हम अगर नंगे पैर जमीन पर खड़े होकर या फिर किसी दीवार या किसी कंडक्टर (जिस पदार्थ से बिजली बह सकती है) से सटकर खड़े हो, या उसके स्पर्श में हो तब हमें बिजली का झटका (Electric Shock) लगता है।

उस समय बिजली हमारे शरीर से होकर जमीन (Earth) की तरफ बहती है। हमारा शरीर एक विरोध (Resistence) की तरह काम करता है, और जब बिजली हमारे शरीर से गुजरती है तो हमारे दिल और दिमाग पर इसका भारी असर होता है।

और इसी अनुभव को हम बिजली का झटका (Electric Shock) लगाना कहते हैं। बिजली बहने का प्रमाण और समय अगर ज्यादा हो तो हमारे दिल की धकडक रुक जाती है, और मौत भी हो सकती है।

उसी समय शरीर मे बिजली का ऊष्मा (Heat) मैं परिवतर्न होता है। और हमारे शरीर का वह हिस्सा जो बिजली के संपर्क में आता है वह जल जाता है।

तो दोस्तों इसी को कहते हैं बिजली का झटका लगना।

तो दोस्तों अशा करता हु की हमरा यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा और आपको जो जानकारी चाहीये थी वह मिल गई होगी| आगर आपको और कोई जानकारी चाहीये की यह क्यों और कैसे होता हई तो हमे कमेन्ट बॉक्स मे कमेंट करें| धन्यवाद |

हमरा फेसबूक पेज लाइक करें –  क्यों और कैसे?

1 thought on “हमे Electrical Shock क्यों लगता है? | Why do we feel Electric Shock?”

Leave a Reply

%d bloggers like this: